बड़ा खुलासा: UKSSSC पेपर लीक में UP लखनऊ RMS कंपनी के मालिक राजेश चौहान ने 2 करोड़ में तय किया था सौदा

Dehradun, UKSSSC पेपर लीक में मामले में 2 दर्जन से अधिक गिरफ्तारियां अबतक हो चुकी है। उत्तराखण्ड एसटीएफ ने लखनऊ से आरएमएस कंपनी के मालिक राजेश चौहान को भी गिरफ्तार किया।

एसटीएफ ने उत्तराखण्ड पेपर लीक करने और केंद्रपाल व अन्य के माध्यम से सौदा करने के साक्ष्य के आधार पर राजेश चौहान को गिरफ्तार किया। जिससे एक दिन पहले ही एसटीएफ ने बिजनौर जिले के धामपुर से केंद्रपाल को भी गिरफ्तार किया था।

यूकेएसएसएससी की स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में उत्तराखंड एसटीएफ ने लखनऊ स्थित RMS टेक्नो सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड प्रिंटिंग प्रेस के मालिक राजेश चौहान को गिरफ्तार किया। यह STF द्वारा UKSSSC पेपर लीक में मामले में 25वीं गिरफ्तारी थी।

अब एसटीएफ का दावा है कि राजेश चौहान ने दो करोड़ रुपए लेकर यूकेएसएसएससी पेपर लीक करवाया। अब कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए उत्तराखण्ड STF अगले 24 घंटे में कई बड़ी गिरफ्तारियां करने का भी दावा कर रही है।

राजेश चौहान की गिरफ्तारी को अबतक की सबसे बड़ी कार्रवाई माना गया। जांच में सामने आया है कि आरएमएस कंपनी लखनऊ के मालिक राजेश चौहान ने पेपर लीक करने और आरोपी केंद्रपाल व अन्य के माध्यम से सौदा किया था। इसके सबूत भी एसटीएफ को मिले हैं।

कड़ी पूछताछ और पुख्ता सबूतों के आधार पर एसटीएफ ने बिजनौर जिले के धामपुर से केंद्रपाल को गिरफ्तार किया था। एसटीएफ की इंवेस्टिगेशन में पेपर लीक का केंद्र बिंदु धामपुर सेंटर निकला है।

पहले एसटीएफ गिरफ्तार आरोपी हाकम सिंह रावत को धामपुर, बिजनौर लेकर गई थी। जहां उससे कई घंटे पूछताछ की गई। हाकम से मिले इनपुट के आधार पर ही एसटीएफ केंद्रपाल तक पहुंची और वहां से राजेश चौहान तक।

UKSSSC परीक्षा के गोपनीय कार्य लखनऊ स्थित इसी RMS टेक्नो सॉल्यूशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड से होते थे। इससे पहले भी स्पेशल टास्क फोर्स STF लखनऊ की इस प्रिंटिंग प्रेस से जुड़े आरोपी अभिषेक वर्मा को गिरफ्तार कर चुकी है। जो कि शुरुआती गिरफ्तारियों में से एक थी।


UKSSSC पेपर लीक में मामले में गिरफ्तार 25वां आरोपी राजेश चौहान (पुत्र श्रीहर्ष रूप सिंह, निवासी जानकीपुरम लखनऊ यूपी) आरएमएस टेक्नो सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड का मालिक है।

राजेश चौहान की इस कंपनी का टर्नओवर ₹111 करोड़ के आसपास है। इसके साथ ही उसकी लखनऊ इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल में पार्टनरशिप भी है।

राजेश चौहान की संपत्ति की बात करें तो लखनऊ के पॉश इलाके जानकीपुरम में उसका घर है और ये फ्लैट उसकी पत्नी के नाम पर है। साथ ही लखनऊ में दो बीघा जमीन उसके नाम पर है। 20 लाख से अधिक का बैंक बैलेंस है।

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एसटीएफ उत्तराखंड द्वारा सचिवालय रक्षक भर्ती परीक्षा में आयोग कार्यालय से पेन ड्राइव के माध्यम से पेपर चुराने वाले अभियुक्त प्रदीप पाल को किया गिरफ्तार।

अवगत कराना है वर्तमान में एसटीएफ टीम द्वारा VDO/VPDO भर्ती परीक्षा से संबंधित मुकदमे की विवेचना की जा रही है जिसमें पूर्व में गिरफ्तार अभियुक्तों एवं अन्य गवाहों के बयानों में यह साक्ष्य प्राप्त हुए हैं कि 26 सितंबर 2021 को सचिवालय रक्षक भर्ती आयोजित हुई जिसमें भी कई अभ्यर्थियों को प्रश्न पत्र परीक्षा से पहले उपलब्ध हो गया था। जिसकी छानबीन करने पर जो बात निकलकर सामने आई है, उसके अनुसार आयोग के कार्यालय के भीतर से ही RIMS कंपनी के कर्मचारी ने पैन ड्राइव के माध्यम से पेपर चोरी किया और मोटी रकम लेकर उसको अभ्यर्थियों तक पहुंचाने का काम किया है।

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