हल्द्वानी: देवभूमि ने खो दिया अपना एक और लाल, नैनीताल के धर्मेंद्र ड्यूटी के दौरान हुए शहीद

नैनीताल। भारतीय सेना की तरफ से एक दुखद खबर आ रही है, जानकारी के मुताबिक

उत्तराखण्ड के नैनीताल जनपद के लाल कुआं निवासी सेना के जवान का ड्यूटी पर हृदय गति रुकने से निधन हो गया। जवान के मौत के बाद उसके परिवार में कोहराम मचा हुआ है।

लालकुआं के गांधीनगर निवासी सेना में जेसीओ पद पर तैनात 36 वर्षीय धर्मेंद्र गंगवार का ड्यूटी के दौरान हृदय गति रुकने से निधन हो गया। मृतक जवान का पार्थिव शरीर दोपहर 1 बजे तक लालकुआं पहुंचेगा।

एएमई विभाग भारतीय सेना में जेसीओ पद पर तैनात धर्मेंद्र गंगवार के पिता सेंचुरी पल्प एंड पेपर मिल से सेवानिवृत्त राम पाल गंगवार हैं। शुक्रवार रात धर्मेंद्र गंगवार का हृदय गति रुकने से निधन हो गया, जिनका पार्थिव शरीर दोपहर पन्तनगर एयरपोर्ट से लालकुआं उनके आवास लाया जाएगा।

यहां सैन्य सम्मान के साथ उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा। जवान के मौत की सूचना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है।  क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने मृतक के घर पहुचकर शोक व्यक्त किया है।

2003 मई में धर्मेंद्र हल्द्वानी एएमई कोर सेंटर से भारतीय सेना में भर्ती हुए थे और वर्तमान में जेसीओ पद पर सेवारत थे।

36 साल के धर्मेंद्र दो बेटों के पिता थे। परिजनों के अनुसार सेना ने उन्हें सूचना दी है कि धर्मेंद्र का पार्थिव शरीर रविवार को लेह से पहले चंडीगढ़ और फिर चंडीगढ़ से पंतनगर सेना के विशेष विमान से लाया जाएगा। एक दिन पहले ही उनकी अपनी पत्नी से बात हुई थी। परिजनों के मुताबिक उन्होंने अपनी तबीयत खराब होने की कोई जानकारी नहीं दी थी, लेकिन सेना के अधिकारियों से शुरुआती जानकारी देते हुए कहा है कि हृदय गति रुकने से जेसीओ धर्मेंद्र गंगवार का निधन हुआ।

धर्मेंद्र के पिता रामपाल गंगवार अपने आंसू पोछते हुए बताये कि उनका बेटा साल 2003 में आर्मी की एएमई कोर में हल्द्वानी से भर्ती हुआ था। इसके बाद वह कई जगह तैनात रहे।

धर्मेंद्र गंगवार का बड़ा बेटा आर्यन 11 साल का है जबकि छोटा बेटा महज 7 साल का है। दोनों बच्चे भी पिता के निधन से गुमसुम हैं। उनकी पत्नी मीरा गंगवार को अभी भी भरोसा नहीं हो रहा कि उनके पति का देश की सेवा करते हुए हमेशा के लिए चले गए। रविवार को धर्मेंद्र का शव लालकुआं पहुंचेगा।

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