देव गुरु बृहस्पति की 118 दिन तक मीन राशि में उल्टी चाल, देखें आपकी राशि पर प्रभाव, इनके जीवन में होगा बड़ा बदलाव

भारतीय ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की विशेष भूमिका है। जब जब कोई ग्रह राशि परिवर्तन करते हैं, तो इसका प्रभाव सभी राशियों के लोगों पर पड़ता है।

बता दें कि ज्योतिषशास्त्र के अनुसार सभी 9 ग्रहों में देवगुरु बृहस्पति को शुभ फल देने वाला ग्रह माना गया है। गुरु लगभग 13 महीनों में अपनी राशि बदलते हैं। बृहस्पति ग्रह 29 जुलाई 2022 को 118 दिनों के लिए मीन राशि में वक्री हो चुके हैं।

आपको बता दें कि मीन राशि गुरु की स्वराशि है। बृहस्पति ग्रह मीन राशि में 24 नवंबर 2022 तक वक्री रहेंगे। गुरु कर्क राशि में सदैव अच्छे परिमाण देते हैं और मकर राशि में नीच के होते हैं। ज्योतिष में बृहस्पति ग्रह को भाग्योदय करने वाला ग्रह माना गया है। इसके अलावा गुरु ग्रह ज्ञान, मान-सम्मान,शिक्षा और विवाह के कारक ग्रह हैं। जिन जातकों की कुंडली में गुरु ग्रह मजबूत और शुभ स्थिति में होते हैं उन्हें जीवन में उच्च पद और सभी तरह की खुशियां प्राप्त होती हैं। बृहस्पति ग्रह अपनी स्वराशि में रहते हुए 29 जुलाई से वक्री चाल से चल रहे हैं।

धारणा है कि जब भी कोई ग्रह उल्टी चाल से चलना आरंभ करता है तो इसका बुरा प्रभाव जातकों के जीवन में बुरा पड़ता है लेकिन यह धारणा पूरी तरह से सही नहीं है। ज्योतिष के जानकारों का मानना है अगर किसी जातक की कुंडली में कोई ग्रह शुभ भाव में है तो ग्रहों की वक्री चाल का लाभ भी इन्हें सबसे ज्यादा मिलता है।

देव गुरु बृहस्पति की वक्री चाल से किन राशियों पर शुभ प्रभाव होगा और किसके जीवन में आएगा बड़ा बदलाव जानते हैं-

मेष राशि

मेष राशि के लोगों के लिए 12 वें भाव में गुरु ग्रह वक्री हो रहे हैं। कुंडली का 12वां भाव व्यय से संबंधित होता है, ऐसे में इनके खर्चे बढ़ेंगे। नौकरी में आपको कुछ सुनहरे मौके प्राप्त होंगे, जिसका इंतजार आपको कई दिनों से था। आर्थिक मामलों में आपको हानि होने के संकेत हैं। ऐसे में नुकसान को कम करने के लिए आपको वित्तीय प्रबंधन पर ज्यादा जोर देना होगा। सेहत संबंधी कुछ परेशानियां भी हो सकती हैं।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए गुरु का वक्री ग्यारहवें भाव में हुआ है। आपके लिए गुरु का वक्री होना किसी वरदान से कम नहीं है। बाधाओं को दूर करते हुए आपके लिए आने वाला समय अप्रत्याशित रूप से धन लाभ के अच्छे योग बन रहे हैं। भाग्य का भरपूर साथ आपको मिलेगा। नौकरी में कई तरह के लाभ और प्रमोशन मिलने के प्रबल संकेत हैं। व्यापार के मामले में आपके लिए समय मिलाजुला रह सकता है।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के लोगों के लिए गुरु का वक्री होना 10वें भाव में है। कुछ समय के लिए आपको वित्तीय परेशानियों से गुजरना पड़ सकता है, लेकिन ऐसी स्थिति आपके लिए ज्यादा दिनों तक नहीं रहने वाली है। आप अपने धैर्य और बुद्धि के बल पर अच्छा खासा धन अर्जित कर सकते हैं। नौकरी बदलने के लिए समय बहुत अच्छा है आपको मिले मौके का भरपूर लाभ उठाना होगा। नया व्यापार शुरू करने के लिए समय अभी अनुकूल नहीं है। योजनाओं के सफल होने में कुछ समय लग सकता है। आपके खर्चे बढ़ सकते हैं। जीवनसाथी के साथ मधुर संबंध बीतेगा। स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां संभव हैं।

कर्क राशि

कर्क राशि के लिए नौवें भाव में गुरु वक्री हुए हैं। आपके लिए समय बहुत ही शुभ और समृद्धि से भरा रहने वाला हो सकता है। नौकरी में बेहतर अवसर की प्राप्ति होगी जिस कारण से आमदनी में अच्छा खासा इजाफा देखने को मिल सकता है। जो जातक खुद का व्यापार संचालित करते हैं उनके लिए समय बहुत अनुकूल रहने वाला होगा। आप आर्थिक रूप से आप मजबूत रहेंगे। पैतृक संपत्ति से धन लाभ के अच्छे और काफी प्रबल योग का निर्माण होगा। जीवनसाथी का अच्छा साथ मिलेगी लेकिन सेहत के मोर्चे में आपको कुछ परेशानियां झेलनी पड़ सकती है। आपको सेहत का खास ध्यान रखना होगा।


सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए गुरु की उल्टी चाल आठवें भाव से हुआ है। आपके लिए गुरु की चाल में बदलाव मिला जुला परिणाम देने वाला होगा। धन हानि हो सकती है लेकिन आप अपने अच्छे प्रबंधन के गुण से इस समस्या को अच्छी तरह से डील कर पाने में सफल होंगे। व्यापार में कोई बड़ा निर्णय अभी न लें आपके लिए समय सही नहीं होगा। कार्यक्षेत्र में आपको ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है। पैतृक संपत्ति से लाभ मिलने की संभावना दिखाई दे रही है लेकिन आपको इसमें इंतजार करना पड़ेगा।

कन्या राशि

आपके लिए गुरु का 118 दिनों के लिए वक्री होना सातवें भाव में है। आपको मनमुताबिक काम मिलेगा जिससे आपकी खुशी का ठिकाना नहीं होगा। गुरु का शुभ प्रभाव आपके ऊपर बना रहेगा। धन अर्जित करने से बहुत सारे मौके आपको प्राप्त होने वाले हैं। जो लोग साझेदारी के व्यापार में हैं उनके लिए भी मुनाफा पाने का समय रहेगा। शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने वाले जातकों को तरक्की मिल सकती है। सेहत कुल मिलाकर इस दौरान ठीक रहेगी।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए बृहस्पति का वक्री होना छठे भाव में हुआ है। करियर के लिहाज से गुरु की उल्टी चाल कठिन साबित हो सकती है। आपको कार्यस्थल पर कुछ समस्याओं से भी जूझना पड़ सकता है। काम का दबाव अधिक रह सकता है। खर्चों में बेतहाशा वृद्धि के संकेत हैं। आमदनी में गिरावट का दौर भी आ सकता है। कोर्ट कचहरी के मामले में आप उलझ सकते हैं।

वृश्चिक राशि

आपके लिए पांचवें भाव में गुरु वक्री हुए हैं। आपके लिए अब से अच्छा समय शुरू होने वाला है। गुरु की विशेष कृपा आपके ऊपर पड़ने वाली है। कार्यक्षेत्र में आपके प्रभाव और मान-सम्मान में वृद्धि के अच्छे संकेत हैं। नौकरी में अच्छी ग्रोथ होगी। प्रमोशन और वेतन वृद्धि से आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी होने वाली है। जो जातक व्यापार में है उनको अच्छी डील प्राप्ति होने के संकेत हैं। नया व्यापार शुरू करने के लिए यह समय बहुत ही शानदार रहेगा। प्रेम जीवन में खुशियों की प्राप्ति होगी।

धनु राशि

इस राशि के जातकों के लिए गुरु चौथे भाव में गोचर हुए हैं। तनाव आपके ऊपर हावी हो सकता है। धन की हानि हो सकती है या कोई सौदा फंस सकता है। इस कारण से आप धैर्य और संयम के साथ कोई भी निर्णय लें। नौकरी बदलने के लिए यह समय सही नहीं है। व्यवसाय में आपको कुछ नुकसान हो सकता है। अगर आप व्यापार में कोई नई योजना को लाने की तैयारी में हैं तो उसको कुछ समय के लिए स्थागित कर दें। आपकी सेहत में गिरावट देखने को मिल सकती है।

मकर राशि

आपकी राशि के लिए गुरु तीसरे भाव में वक्री हुए हैं। मकर राशि वालों के लिए गुरु का वक्री होना किसी तरह के वरदान से कम नहीं है। भाग्य का साथ मिलेगा। अधूरे काम पूरे होंगे जिसके चलते आपका रुका हुआ धन आपके खाते में आएगा। नौकरीपेशा जातकों के लिए यह समय बहुत ही शुभ और परिवर्तन कारी रहेगा। व्यापार में अच्छा मुनाफा मिलने के संकेत हैं। धन की अच्छी बचत करने में आप कामयाब रहेंगे।

कुंभ राशि

आपके लिए गुरु दूसरे भाव में वक्री हैं। आपके लिए गुरु का स्वराशि में वक्री होना शुभ संकेत साबित होगा। कार्यों में कामयाबी मिलेगी। धन लाभ के अच्छे संकेत है। पैतृक जायदाद की खरीद-बिक्री से आपके खाते में अच्छा खासा धन एकत्रित हो सकता है। व्यापार के लिए समय बहुत ही शुभ है। नौकरी में आपको ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है अभी नई नौकरी के बारे में सोचना छोड़ दें। यह समय इस लिहाज से अच्छा नहीं कहा जा सकता है। खर्चों में वृद्धि हो सकती है।

मीन राशि

मीन राशि के लिए गुरु का वक्री होना उनके पहले भाव यानी लग्न भाव में हुआ है। आपकी सुख-सुविधा में इजाफा होगा। ऐशोआराम से समय बीतेगा। भाग्य का साथ मिलने से आपके सारे काम जल्द से जल्द निपट जाएंगे। यश की प्राप्ति होगी। धन अर्जित करने के अच्छे मौके प्राप्त होंगे। विदेश की यात्रा संभव है। नौकरी में आपका मान सम्मान बढ़ेगा। नई योजनाओं में आपको कामयाबी मिल सकती है।

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