केदारकांठा: पहाड़ी प्रदेश उत्तराखण्ड में मानसून के सक्रिय होते ही बादल फटने और अतिवृष्टि की घटनाएं सामने आने लगी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उत्तरकाशी, टिहरी, केदारनाथ में बारिश से लोगों के जनजीवन पर प्रभाव पड़ा, बदरीनाथ, केदारनाथ और यमुनोत्री हाईवे सहित उत्तराखण्ड के कई मार्ग मलबा आने से बंद हो गए हैं। उत्‍तरकाशी में कई घरों में मलबा घुस गया तो टिहरी गढ़वाल में कई वाहन मलबे में दब गए हैं, जिससे आमजन का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।

वहीं टिहरी के डोबरा चांठी पुल से रौलाकोट जाने वाले मार्ग पर एक खड़ी कार नाले में मलबा आने से दब गई। साथ ही अन्य वाहन भी मलबा आने से फंसे हुए हैं।


जबकि केदारनाथ हाईवे पर मदनपुर भटवारीसैंण के पास पहाड़ी से लगातार मलबा और पत्थर गिर रहे हैं।

वहीं, उत्तरकाशी जिले में स्थित केदारकांठा में जहां बादल फटने जैसी घटना यानि अतिवृष्टि से फफराला खड्डे में सड़क बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है।

जिससे क्षेत्र के 22 से अधिक गांवों का संपर्क टूट गया है। घटना देर रात भारी बारिश के बाद हुई।

जिससे मोरी ब्लॉक के 2 दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क मुख्य मार्ग से टूट गया है

और ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

साथ ही नाले का उफान अधिक होने से इसे पार पाना काफी मुश्किल हो रहा है।

जबकि पुलिस प्रशासन व संबंधित विभाग ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और रोड को खोलने का प्रयास किया,

लेकिन प्रशासन को अभी तक इसमें कोई खास सफलता नहीं मिल पाई है।

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