देहरादून: कार गिरी खाई में 5 की मौत, जबकि उत्तरकाशी व बागेश्वर ग्लेशियर में 7 ट्रेकर-पोर्टर मृत

अल्टो कार खाई में गिरी।


दुर्घटना में कार सवार पांच लोगों की मौत।


कार सवार एक लड़की गंभीर रूप से घायल।


घायल को ले जाया गया अस्पताल।


बन्द्राणू से बानपुर जा रही थी अल्टो कार।


बानपुर के समीप अनियंत्रित होकर खाई में गिरी अल्टो।


त्यूणी थाना क्षेत्र के उत्तराखण्ड-हिमाचल बॉर्डर का मामला।

देहरादून। आज बृहस्पतिवार को देहरादून के चकराता के त्यूणी क्षेत्र के थाना हाजा पर सूचना प्राप्त हुई कि पन्द्रानु बानपुर रोड पर एक्सीडेण्ट हो गया है।

सूचना पर थानाध्यक्ष मय फोर्स के घटना स्थल के लिए रवाना हुआ मौके पर देखा तो एक वाहन संख्या HP 10B 8261 सफेद रंग की आल्टो कार खाई मे गिर गयी थी, जिसमे 5 लोग सवार बताये गए।

जिनकी मौके पर ही मृत्यू हो गयी थी, जिन्हे पुलिस द्वारा स्थानीय लोगो की मदद से रैस्कयू कर गहरी खाई से बहार निकाला गया व मौके पर ही पंचायतनामा भर कर पोस्टमार्टम के लिए P.H.C त्यूनी भेजा गया व डाक्टर द्धारा सभी मृतको का पोस्टमार्टम किया व बाद पोस्टमार्टम शव को परिजनो के सुपु्र्द किया गया।

मृतकों के नाम पते-

1- संजय पुत्र स्व0 श्री शंकरनाथ निवासी ग्राम बानपुर (पन्द्रानु) थाना त्यूनी जनपद देहरादून उम्र 49 वर्ष।
2- बबली देवी W/O संजय निवासी उपरोक्त उम्र 44 वर्ष।
3- निखिल पुत्र संजय निवासी उपरोक्त उम्र 13 वर्ष ।
4 जगदीश पुत्र दुलाराम निवासी उपरोक्त उम्र 34 वर्ष ।
5- अमित पुत्र किशोरीनाथ निवासी नडुंला थाना चिडगांव जनपद शिमला उम्र 23 वर्ष।

जबकि कार सवार एक 21 वर्षीय लड़की गंभीर रूप से घायल है, जिसे अस्पताल में भर्ती करवा दिया गया है।

बागेश्वर, उत्तरकाशी में 7 शव बरामद, 20 लापता-

राज्य में खराब मौसम के चलते बागेश्वर जिले के सुंदरढूंगा ग्लेशियर ट्रेक पर निकले 4 ट्रेकर्स की मौत हो गई है। जबकि उत्तरकाशी जिले में 3 पोर्टर बर्फ में दबे मिले। वहीं कफनी ग्लेशियर की ओर निकले हुए 20 ट्रेकर्स अभी लापता बताए जा रहे हैं।

भारत-चीन सीमा पर लापता तीन पोर्टरों के शव बरामद कर लिए गए हैं। पोर्टर आईटीबीपी गश्ती दल के साथ सीमा पर गए थे। पोर्टरों के शव आइटीबीपी की नीला पानी चौकी से डेढ़ किलोमीटर दूर सीमा की ओर बर्फ में दबे मिले। शवों के बरामद होने की सूचना आईटीबीपी प्रशासन ने हर्षिल थाने में दी है। एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने बताया कि शवों को उत्तरकाशी लाया जाएगा।

जहां पीएम के बाद परिजनों को सौंप दिया जाएगा।बीते 15 अक्टूबर को आईटीबीपी की टीम चार पोर्टरों के साथ नियमित गश्ती के लिए भारत चीन सीमा पर स्थित नीला पानी चौकी से सीमा के लिए रवाना हुआ था। वापसी के दौरान बर्फबारी के चलते पोर्टर  राजेंद्र सिंह पुत्र बृजमोहन निवासी स्यूणा, सिरोर तहसील भटवाड़ी, संजय सिंह पुत्र दिलबर सिंह निवासी चिवां, नाल्ड तहसील भटवाड़ी व दिनेश चौहान पुत्र भारत सिंह चौहान निवासी भटवाड़ी गश्ती टीम से बिछड़ गए। चौथा पोर्टर गश्ती टीम के साथ नीलापानी चौकी लौटा।

इन तीन पोर्टरों की तलाश में 18 अक्टूबर को पांच अन्य पोर्टर भेजे गए। लापता पोर्टरों की खोजबीन की जा रही थी। आईटीबीपी के द्वितीय कमान अधिकारी नेहाल सिंह भंडारी ने बताया कि लापता चल रहे तीनों पोर्टरों के बुधवार शाम को शव बरामद कर लिए गए हैं। भंडारी ने बताया कि पोर्टर रास्ता भटक गए थे। जिस स्थान पर शव मिले हैं वह स्थान चौकी से मात्र डेढ किमी दूर है।

कर्णप्रयाग से पिथौरागढ़ लौट रहे सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर सहित पांच की मौत-

इससे पूर्व बुधवार को पिथौरागढ़ में एक कार खाई में गिर गई थी। उस हादसे में भी पांच लोगों की मौत हुई थी। थल से पिथौरागढ़ आ रही एक फॉर्च्यूनर कार बुधवार को मुवानी के समीप दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। हादसे में सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर सहित पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि दो लोग घायल हो गए। मरने वालों में नेपाल के दो पंडित भी शामिल थे। सभी लोग कर्णप्रयाग में पूजा कर पिथौरागढ़ लौट रहे थे।

संचार सेवाएं बंद होने के कारण एक युवक को दस किमी दूर थल थाने भेजकर पुलिस को घटना की सूचना दी गई।

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