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सूर्य का राशि परिवर्तन, सक्रांति, सूर्य आज से सिंह राशि मे, उत्तराखण्ड में घी सक्रान्द का त्यौहार

ज्योतिष शास्त्र की गणनाओं के मुताबिक 17 अगस्त को ग्रहों के राजा सूर्य का राशि परिवर्तन हो गया है। सूर्य नारायण भगवान कर्क राशि से सिंह राशि में गोचर कर रहे हैं। सूर्य सिंह राशि के स्वामी भी हैं। 16 अगस्त को देर रात 1 बजकर 14 मिनट पर सूर्य सिंह राशि मे पंहुंचे।

सूर्य के राशि परिवर्तन को संक्रांति कहते हैं। सूर्य सिंह राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं, इसलिए इसे सिंह संक्रांति कहा जाएगा।

उत्तराखण्ड में इस संक्रांति को घी संक्रांति के नाम से जाना जाता है। उत्तराखण्ड में ऐसे त्यौहार के रूप में मनाया जाता है। सूर्य को ग्रहों का राजा भी कहा जाता है। इनके इस राशि परिवर्तन से कुछ राशि के जातकों के लिए यह अति शुभ होगा।

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उत्तराखण्ड कृषि पर आधारित एक राज्य है। पौराणिक समय से यहाँ की सभ्यता जल , जंगल और जमीन से मिलने वाले संसाधन पर निर्भय रही है।
प्रकर्ति और किसानो का उत्तराखण्ड के लोक जीवन में अत्यधिक महत्व रहा है।
सौर मासीय पंचांग के अनुसार सूर्य एक राशि में संचरण करते हुए जब दूसरी राशि में प्रवेश करता है तो उसे संक्रांति कहते हैं।
इस तरह बारह संक्रांतियां होती हैं .इस को भी शुभ दिन मानकर कई त्योहार मनाये जाते हैं ।
और इन्ही त्यौहार में से एक है “घी तयार” ।

उत्तराखंड में “घी त्यार”  क्यों मनाया जाता है ?

उत्तराखण्ड में हिन्दी मास (महीने) की प्रत्येक १ गते यानी संक्रान्ति को लोक पर्व के रुप में मनाने का प्रचलन रहा है।
उत्तराखण्ड में यूं तो प्रत्येक महीने की संक्रांति को कोई त्योहार मनाया जाता है।
भाद्रपद (भादो)महीने की संक्रांति जिसे सिंह संक्रांति भी कहते हैं ।
इस दिन सूर्य “सिंह राशि” में प्रवेश करता है और इसलिए इसे सिंह संक्रांति भी कहते हैं।
उत्तराखण्ड में भाद्रपद संक्रांति को ही घी संक्रांति के रूप में मनाया जाता है।
यह त्यौहार भी हरेले की ही तरह ऋतु आधारित त्यौहार है,
हरेला जिस तरह बीज को बोने और वर्षा ऋतू के आने के प्रतीक का त्यौहार है।
वही “घी त्यार” अंकुरित हो चुकी फसल में बालिया के लग जाने पर मनाये जाने वाला त्यौहार है |

यह खेती बाड़ी और पशु के पालन से जुड़ा हुआ एक ऐसा लोक पर्व है |
जो की जब बरसात के मौसम में उगाई जाने वाली फसलों में बालियाँ आने लगती हैं ।
तो किसान अच्छी फसलों की कामना करते हुए ख़ुशी मनाते हैं।
फसलो में लगी बालियों को किसान अपने घर के मुख्य दरवाज़े के ऊपर या दोनों और गोबर से चिपकाते है |
इस त्यौहार के समय पूर्व में बोई गई फसलों पर बालियां लहलहाना शुरु कर देती हैं।
साथ ही स्थानीय फलों, यथा अखरोट आदि के फल भी तैयार होने शुरु हो जाते हैं।
पूर्वजो के अनुसार मान्यता है कि अखरोट का फल घी-त्यार के बाद ही खाया जाता है । इसी वजह से घी तयार मनाया जाता है |

उत्तराखंड में “घी त्यार” का महत्व

उत्तराखण्ड में घी त्यार किसानो के लिए अत्यंत महत्व रखता है।
और आज ही के दिन उत्तराखण्ड में गढ़वाली , कुमाउनी सभ्यता के लोग घी को खाना जरुरी मानते है।
क्योंकि घी को जरुरी खाना इसलिए माना जाता है क्युकी इसके पीछे एक डर भी छिपा हुआ है।
वो डर है घनेल ( घोंगा ) (Snail) का।
पहाड़ों में यह बात मानी जाती है कि जो घी संक्रांति के दिन जो व्यक्ति घी का सेवन नहीं करता वह अगले जन्म में घनेल (घोंघा) (Snail) बनता है ।
इसलिए इसी वजह से है कि नवजात बच्चों के सिर और पांव के तलुवों में भी घी लगाया जाता है।

यहां तक उसकी जीभ में थोड़ा सा घी रखा जाता है।
इस दिन हर परिवार के सदस्य जरूर घी का सेवन करते है।
जिसके घर में दुधारू पशु नहीं होते गांव वाले उनके यहां दूध और घी पहुंचाते हैं।
बरसात में मौसम में पशुओं को खूब हरी घास मिलती है ।
जिससे की दूध में बढ़ोतरी होने से दही -मक्खन -घी की भी प्रचुर मात्रा मिलती है।

इस दिन का मुख्य व्यंजन बेडू की रोटी है। (जो उरद की दाल भिगो कर, पीस कर बनाई गई पिट्ठी से भरवाँ रोटी बनती है ) और घी में डुबोकर खाई जाती है। अरबी के बिना खिले पत्ते जिन्हें गाबा कहते हैं, उसकी सब्जी बनती है।

सूर्य का सिंह राशि में आने से राशियों पर असर-

मेष राशि
राशि से पंचम विद्याभाव में अपने मूलत्रिकोण में पहुंचते हुए सूर्य देव का शुभ प्रभाव आपके लिए वरदान से कम नहीं है विशेषकर के विद्यार्थियों अथवा प्रतियोगिता में बैठने वाले छात्रों के लिए तो यह एक तरह का नया अवसर है। शिक्षा प्रतियोगिता में अच्छी सफलता मिलेगी। संतान के दायित्व की पूर्ति होगी। नवदंपति के लिए संतान प्राप्ति एवं प्रादुर्भाव के भी योग। प्रेम संबंधी मामलों में उदासीनता रहेगी इसलिए कार्य-व्यापार पर अधिक ध्यान देना समझदारी रहेगी।

वृषभ राशि
राशि से चतुर्थ सुख भाव में अपने ही घर में गोचर करते हुए सूर्य का प्रभाव काफी मिलाजुला रहेगा। किसी कारण से पारिवारिक कलह एवं मानसिक अशांति का सामना करना पड़ सकता है। मित्रों तथा संबंधियों से भी अप्रिय समाचार प्राप्ति के योग। यात्रा सावधानीपूर्वक करें। सामान चोरी होने से बचाएं। आपके अपने ही लोग नीचा दिखाने की कोशिश करेंगे। जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों का निपटारा होगा। सरकारी सर्विस के लिए आवेदन करना अच्छा परिणाम देगा।

मिथुन राशि
राशि से तृतीय पराक्रम भाव में गोचर करते हुए सूर्य का प्रभाव आपके साहस और पराक्रम के वृद्धि करेगा। अपनी ऊर्जा शक्ति के बल पर कठिन हालात को भी आसानी से नियंत्रित कर लेंगे। आपके द्वारा लिए गए निर्णय की सराहना होगी। योजनाओं को गोपनीय रखें और जब तक पूर्ण न हो जाए उसे सार्वजनिक न करें। परिवार के वरिष्ठ सदस्यों तथा भाइयों से मतभेद बढ़ने न दें। विदेशी कंपनियों में सर्विस एवं नागरिकता के लिए किया गया प्रयास सफल रहने के योग।

कर्क राशि
राशि से द्वितीय धन भाव में गोचर करते हुए सूर्य का प्रभाव आर्थिक पक्ष मजबूत करेगा। दिया गया धन भी वापस मिलने की उम्मीद। अपनी वाणी कुशलता के बल पर बिगड़ते हुए हालात को भी संभाल लेने में सफल रहेंगे। जमीन जायदाद से जुड़े कार्य संपन्न होंगे। केंद्र अथवा राज्य सरकार के विभागों में प्रतीक्षित कार्यो का निपटारा होगा। किसी भी तरह के सरकारी टेंडर में भी आवेदन करना चाह रहे हों तो अवसर अनुकूल रहेगा। स्वास्थ्य के प्रति भी अधिक सावधान रहें।

सिंह राशि
अपनी ही राशि में गोचर करते हुए सूर्य का प्रभाव आपके लिए बेहतरीन सफलता दिलाने वाला रहेगा। मान-सम्मान की वृद्धि होगी। नौकरी में भी पदोन्नति तथा नए अनुबंध के प्राप्ति के योग। धर्म एवं अध्यात्म के प्रति भी गहरी रूचि रहेगी शादी-विवाह से संबंधित वार्ता सफल रहेगी। किसी भी तरह की सरकारी संस्था में नौकरीके लिए आवेदन करना चाह रहे हों तो अवसर अनुकूल है। संतान के दायित्व की पूर्ति होगी। नवदंपत्ति के लिए संतान प्राप्ति एवं प्रादुर्भाव के भी योग।

कन्या राशि
राशि से बारहवें में हानि भाव में गोचर करते हुए सूर्य का प्रभाव बहुत अच्छा नहीं कहा जा सकता। अत्यधिक भागदौड़ तथा आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ेगा। दूर देश की कष्टकर यात्राओं का भी योग बनेगा। स्वास्थ्य पर अधिक ध्यान दें। कोर्ट-कचहरी के मामलों में निर्णय आपके पक्ष में आने के संकेत। विदेशी कंपनियों में सर्विस अथवा नागरिकता के लिए प्रयास करना सफल रहेगा। जो छात्र विदेश में पढ़ाई करने जाना चाह रहे हों उनके लिए अवसर अनुकूल रहेगा।

तुला राशि
राशि से एकादश लाभ भाव में गोचर करते हुए सूर्य का प्रभाव आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। कोई भी बड़े से बड़ा कार्य आरंभ करना चाहें अथवा नए अनुबंध पर हस्ताक्षर करना चाहें तो उस दृष्टि से भी अवसर अनुकूल रहेगा। आर्थिक पक्ष और मजबूत होगा। संतान संबंधी चिंता परेशान कर सकती है। परिवार के वरिष्ठ सदस्यों तथा बड़े भाइयों से मतभेद न पैदा होने दें। विद्यार्थियों एवं प्रतियोगिता में बैठने वाले छात्रों के लिए भी समय और अनुकूल रहेगा।

वृश्चिक राशि
राशि से दशम कर्म भाव में गोचर करते हुए सूर्य अत्यधिक प्रभावशाली भूमिका निभाएंगे। नौकरी में पदोन्नति तथा मान-सम्मान की वृद्धि तो होगी ही सामाजिक जिम्मेदारियां बढ़ेंगी। सरकारी विभागों में किसी भी तरह के टेंडर का आवेदन करना चाह रहे हों तो अवसर अनुकूल रहेगा। उच्चाधिकारियों से सहयोग मिलेगा। अपनी ऊर्जाशक्ति एवं अदम्य साहस के बल पर कठिन परिस्थितियों को भी आसानी से नियंत्रित कर लेंगे। जो भी निर्णय लेंगे उसी में पूर्व सफल रहेंगे।

धनु राशि
राशि से नवम भाग्य भाव में गोचर करते हुए सूर्य का प्रभाव धर्म एवं अध्यात्म के प्रति अत्यधिक उन्नति प्रदान करेगा यह भी संभव है कि आपका अपने इष्ट से साक्षात्कार हो। भाग्योन्नति तो होगी ही नौकरी में भी पदोन्नति तथा नए अनुबंध प्राप्ति के योग। कोर्ट-कचहरी के मामलों में निर्णय आपके पक्ष में आने के संकेत। यात्रा-देशाटन का लाभ मिलेगा। विद्यार्थी वर्ग यदि विदेश में पढ़ाई के लिए प्रयास करना चाह रहे हों तो उनके लिए सूर्य का गोचर अच्छा फल प्रदान करेगा।

मकर राशि
राशि से अष्टम आयु भाव में गोचर करते हुए सूर्य का प्रभाव काफी मिलाजुला रहेगा। मान-सम्मान तथा सामाजिक पद प्रतिष्ठा बढ़ेगी किंतु आपके अपने ही लोग षड्यंत्र करते रहेंगे इसलिए बेहतर रहेगा कि झगड़े विवाद से दूर ही रहें। कोर्ट कचहरी से जुड़े मामले भी आपस में सुलझाएं। स्वास्थ्य के प्रति भी चिंतनशील रहें। अग्नि, विष तथा दवाओं के रिएक्शन से बचें। जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों का निपटारा होगा। अपनी रणनीतियों को जब तक पूर्ण कर लें उसे सार्वजनिक न करें।
 

कुंभ राशि
राशि से सप्तम दाम्पत्य भाव में अपने ही घर में गोचर करते हुए सूर्य का प्रभाव काफी मिलाजुला रहेगा। दांपत्य जीवन में कड़वाहट आ सकती है। विवाह संबंधित वार्ता में थोड़ा विलंब होगा। व्यापारीवर्ग के लिए समय अनुकूल रहेगा। साझा व्यापार करने से बचें। विदेशी कंपनियों में सर्विस अथवा नागरिकता के लिए किया गया प्रयास सफल रहेगा। स्वास्थ्य के प्रति चिंतनशील रहें। झगड़े विवाद से बचें  और कोर्ट कचहरी के मामले भी बाहर ही सुलझाएं।

मीन राशि
राशि से छठे शत्रु भाव में गोचर करते हुए सूर्यका प्रभाव आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है इसलिए जैसी सफलता चाहें हासिल कर सकते हैं। कार्य व्यापार की दृष्टि से भी समय अति अनुकूल रहेगा। किसी नए अनुबंध हस्ताक्षर करना चाह रहे हैं तो भी अवसर अनुकूल रहेगा। इस अवधि में कर्जके लेन-देन से बचें। न्यायालय से संबंधित सभी मामलों में भी विजय श्री मिलेगी। अत्यधिक यात्रा के कारण थकान का अनुभव करेंगे स्वास्थ्य के प्रति चिंतनशील रहें।

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