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चारधाम में मंत्री सतपाल महाराज का बिरोध, पुतला फूंका, बयान वापस न लेने पर 11 जून से आंदोलन

उत्तरकाशी/चमोली/रुद्रप्रयाग। उत्तराखण्ड चार धाम देवस्थानम बोर्ड के मामले में मंत्री सतपाल महाराज के बयान के बाद चारधाम के पुरोहितों ने मंत्री सतपाल महाराज का विरोध शुरू कर दिया है।

गंगोत्री धाम एवं यमुनोत्री धाम के तीर्थ पुरोहितों ने मंत्री सतपाल महाराज का पुतला दहन किया। जबकि बद्रीनाथ धाम व केदारनाथ धाम से भी मंत्री सतपाल महाराज के विरोध की खबर है। आपको बता दें कि सतपाल महाराज ने सोमवार को बयान दिया था कि उत्तराखण्ड चारधाम देवस्थानम बोर्ड के मामले में कोई पुनर्विचार नहीं किया जा रहा है।

गंगा मैया के शीतकालीन प्रवास मुखबा गांव और गंगोत्री धाम में गंगोत्री मंदिर समिति के पदाधिकारियों और पुरोहितों सहित ग्राम वासियों ने मंत्री सतपाल महाराज का पुतला फूंका।

वही यमुनोत्री धाम के तीर्थ पुरोहितों ने भी मां यमुना के शीतकालीन प्रवास खुशीमठ खरसाली में पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज का पुतला फूंका व विरोध प्रदर्शन किया।

मंत्री सतपाल महाराज का पुतला फूंका, विरोध, नारेबाजी-

साथ ही मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि ऐसे मंत्री को तत्काल मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया जाना चाहिए जो कि मुख्यमंत्री के वक्तव्य की अवेहलना कर रहा है। जबकि मुख्यमंत्री का स्पष्ट कहना है कि देवस्थानम बोर्ड पर पुनर्विचार होगा और 51 मंदिरों को देवस्थानम बोर्ड से बाहर करेंगे। लेकिन बावजूद इसके सतपाल महाराज इस प्रकार की अनर्गल बयानबाजी कर रहे है।

रावल तीर्थ पुरोहितों का कहना है कि शीघ्र ही देवस्थानम बोर्ड को भंग करने को लेकर हम सभी तीर्थ पुरोहित आंदोलन करने वाले हैं। 11 जून से गंगोत्री में काली पट्टी बांधकर गंगा मैया की पूजा अर्चना करेंगे और 21 जून से अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन शुरू करेंगे।

मंत्री सतपाल महाराज का बयान-

तीर्थ पुरोहितों का कहना है कि सतपाल महाराज तो स्वयं धर्म से जुड़ाव मानते है और उनका इस प्रकार का बयान देना अशोभनीय और निंदनीय है। संपूर्ण तीर्थ पुरोहित इसकी घोर निंदा करते हैं और वे तत्काल अपना वक्तव्य वापस लें।

इस अवसर पर गंगोत्री धाम के पुरोहित सुरेश सेमवाल अध्यक्ष, सुभाष चंद्र सेमवाल, सुधांशु सेमवाल, गंगा प्रसाद सेमवाल, मुकेश सेमवाल, कृष्णानंद, धन्ना नन्द सेमवाल, अनुप, प्रेमबल्लव सेमवाल व यमुनोत्री धाम के तीर्थ पुरोहित में जगमोहन उनियाल उपाध्यक्ष मंदिर समिति, बागेश्वर प्रसाद उनियाल , रामस्वरूप उनियाल उपाध्यक्ष मंदिर समिति ,प्रवक्ता जय प्रकाश उनियाल सचिव सुरेश उनियाल ,अंकित ,कुलदीप उनियाल आदि मौजूद रहे।

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