आजाद भारत में पहली बार किसी महिला को मिलेगी फांसी की सजा, UP की शबनम को प्रेमी सलीम संग होगी फांसी

अमरोहा के जघन्य हत्याकांड में यह पहली बार होगा कि आजाद भारत में किसी महिला को फांसी दी जाएगी। उत्तर प्रदेश के अमरोहा की शबनम ने 14 अप्रैल 2008 को अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने माता-पिता समेत परिवार के 7 लोगों की गला काट कर हत्या कर दी थी।

हत्याकांड के बाद जेल में ही शबनम ने 2008 में अपने बेटे को जन्म दिया था। अब वह 12 साल का है।

उत्तर प्रदेश स्थित अमरोहा के गांव में 7 लोगों की हत्या की दोषी शबनम की फांसी की तैयारियां मथुरा जेल पूरी हो चुकीं हैं। 2008 के इस नृशंस हत्याकांड में शबनम ने अपने प्रेमी सलीम के साथ मिलकर अपने ही परिवार के 7 सदस्यों का गला कुल्हाड़ी से काट डाला था।

हत्याकांड के फौरन बाद जेल भेजी गई शबनम ने दिसंबर 2008 में जेल में ही बेटे को जन्म दिया था, जिसका नाम ताज रखा गया था। 2008 से ही जेल में बंद शबनम और सलीम को 2010 में निचली अदालत ने मौत की सज़ा सुनाई थी। 2015 में उसके बेटे ताज को जेल से रिहाई मिली थी, जब कॉलेज में शबनम के साथी रहे उस्मान सैफी ने ताज की परवरिश की ज़िम्मेदारी ली और उसे अपने साथ ले गए थे।

शबनम और सलीम को सभी अदालतों ने फांसी की सजा सुनाई। यहां तक कि राष्ट्रपति के यहां भी उनकी दया याचिका खारिज हो चुकी है। अब डेथ वारेंट जारी होते ही इन दोनों को फांसी दे दी जाएगी। आजाद भारत मे यह पहली बार होगा कि किसी महिला को मौत की सजा हुई।

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