हरदा ने कर्णप्रयाग में तली जलेबी, कांग्रेस की जल गई खिचड़ी तो बीजेपी अध्यक्ष बंशीधर ने ताना निशाना, AAP की गुगली में फंसी BJP

देहरादून। उत्तराखण्ड के शर्दियाँ के शर्द माहौल में आजकल गर्मी का अहसास हो रहा है। राजनीतिक पार्टीयों की बयानबाजियों ने सत्ता तक पहुंचने की जुगत में उत्तराखण्ड में सालभर पहले ही चुनावी माहौल का शमा बना दिया है।

CONGRESS-

कांग्रेस में आजकल सेनापति यानी CM चेहरे की जंग छिड़ी हुई है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मांग उठाई की उत्तराखण्ड में मुख्यमंत्री उम्मीदवार का चेहरा घोषित किया जाए। तो नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने अध्यक्ष प्रीतम सिंह को मुख्यमंत्री का चेहरा बता डाला।

कांग्रेस की गुटबाजी में आजकल पूर्व अध्यक्ष किशोर उपाध्याय को छोड़ सभी ‘तू-तू मैं-मैं’ की जंग में कूदे हुए हैं। इंदिरा हृदयेश को AC में मीटिंग चाहिए तो बकौल प्रीतम सिंह थराली उप चुनाव हरीश रावत की चुनावी मीटिंग से हारे थे। वैसे यह दोनों बयान अब पुराने हो चले हैं।

नया तो आज कर्णप्रयाग में नजर आया जहाँ पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत जलेबी तलते नजर आए। जलेबी बना कर हरदा ने कार्यकर्ताओं को भी खिलाई और फेसबुक पर इंदिरा हृदयेश के खिलाफ पोस्ट भी डाली।

कर्णप्रयाग में जलेबी तलते हरीश रावत

आप भी पढ़ें हरदा की पोस्ट-
श्री #प्रीतमसिंह सेनापति हैं, यह बहुत स्तुत्य कथन है, उन्हें पार्टी की ओर से #मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित किये जाने का अनुरोध है, मुख्यमंत्री के चेहरे के रूप में #इंदिराहृदयेश जी का भी स्वागत करूँगा, मैंने अपने नाम को लेकर जो असमंजस है उसको समाप्त किया है। #देवेंद्र जी ने जो आदर दिया है, मैं उसके लिये उनको बहुत धन्यवाद देना चाहता हूं, लेकिन मुझे सामूहिक नेतृत्व की पंक्ति से हटा देने की कृपा करें, कुछ समय व्यक्ति को उन्मुक्त भी रहना चाहिये। मैं उसी दिशा में बढ़ते हुये राजनीति के बल पर धन कमाकर अब प्रदेश की राजनीति पर कब्जा जमाने की प्रवृत्ति के विरूद्ध जन जागृति जगाने का काम करना चाहता हूँ। मेरे लिये निरंतर यह देखना भी कष्टकारक है कि कांग्रेस संगठन एक होटल की चार दिवारी में कैद होकर न रह जाय। मुझे #कार्यकर्ताओं और स्वराज आश्रम की गरिमा को भी पुनः स्थापित करना है, फिर कभी-कभी कुछ नाम बोझ हो जाते हैं, 2017 में कुछ ऐसी स्याही से मेरा नाम लिखा गया जो #कांग्रेस के ऊपर बोझ बन गया। मैं, कांग्रेस को पापार्जित धन की स्याही से लिखे गये नाम के बोझ से भी मुक्त कर देना चाहता हूँ, संयुक्त नेतृत्व में भी ऐसे नाम का बोझ पार्टी पर बना रहेगा।

BJP-

इसपर बीजेपी कहाँ पीछे रहने वाली थी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा “जनहित के बजाय मिशन सेनापति में उलझी कांग्रेस: भगत”

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने सेनापति को लेकर कांग्रेस में उपजे रार को उसका अंदरुनी मामला बताते हुए कहा कि अच्छा है कि जनता ने समय से पहले ही एक बार फिर कांग्रेस की फितरत को समझ लिया है।

भगत ने कहा कि कांग्रेस महज सत्ता सुख के लिए चुनाव में उतरने की मंशा पाले हुए है और राज्य हित से कांग्रेस का कोई मतलब नही है। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि कांग्रेस में अब सेनापति के दावेदारो ने जोर आजमाइश शुरू कर दी है। भगत ने कहा कि जब-जब जनता को गुमराह कर कांग्रेस किसी तरह सत्ता पर काबिज हुई है तब-तब नेतृत्व को लेकर घमासान से प्रदेश के विकास पर प्रतिकूल प्रभाव के साथ प्रदेश में अराजकता का वातावरण बना है। भाजपा अध्यक्ष भगत ने कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस की स्थिति सूत न कपास जुलाहों में लठम लठा जैसी हो गई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान मे कांग्रेस के तीन कैंप कार्यालय चल रहे है। इसमे एक राजीव भवन से तो दूसरा जाखन से पूर्व सीएम का तो तीसरा हल्द्वानी से नेता प्रतिपक्ष का। कांग्रेस में आज हालात यह है कि उनके पास सेना तो है नही न किसी को सेना की फिक्र है सब बिना सेना के सेनापति बनना चाहते है।

भगत ने कहा कि जनता अब कांग्रेस के मंसूबो को समझ चुकी है और पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में घपले, घोटालो, अराजकता तथा राजनैतिक अस्थिरता का जो वातावरण रहा उसकी याद एक बार फिर ताजा हो गई है।

वैसे आपको बता दें कि इन दिनों पूर्व केंद्रीय मंत्री व भाजपा सांसद मेनका गांधी का एक पत्र भी चर्चा में है। जिसमें 3 हजार करोड़ में घोटाले का आरोप है।

AAP-

आप पार्टी ने आप प्रेस वार्ता कर कहा “मेनका गांधी के लेटर में 3000 करोड के इस घोटाले से उत्तराखण्ड हुआ शर्मशार,जीरो टॉलरेंस के पीछे बड़ा घोटाला – एस एस कलेर, आप अध्यक्ष”

आज आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एस एस कलेर ने आज प्रदेश कार्यालय में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत पर जमकर हल्ला बोला। उन्होंने कहा, कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के आखंट में डूबी हुई है। प्रदेश के मुख्यमंत्री जीरो टोलरेंस की बात करते हैं लेकिन उन्हीं की नाक के नीचे,जीरो टॉलरेंस की आड़ में करोडों के घोटाले अकसर प्रदेश में हो जाते हैं और उन्हें इसकी भनक तक नहीं लगती। अभी कुछ दिनों पहले श्रम बोर्ड का भ्रष्टाचार थमा भी नहीं था मेनका गांधी ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत को एक पत्र भेजा है जिसमें उत्तराखण्ड में 3000 करोड़ के घोटाले की बात कही है। इस लेटर ने बीजेपी राज में चल रहे भ्रष्टाचार को एक बार फिर उजागर कर दिया। पूर्व केंद्रीय मंत्री और पशु अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाली मेनका गांधी की ओर से हाल ही में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को एक पत्र लिखा गया है। उन्होंने उत्तराखंड शीप एंड वूल डेवलपमेंट बोर्ड के सीईओ पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। साथ ही उन्होंने विभागीय सचिव की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए हैं। मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में मेनका गांधी ने सीबीआई, ईडी और सीबीसीआईडी से जांच कराने की मांग की है।

भाजपा की वरिष्ठ नेता मेनका गांधी के मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में यह साफ कहा गया है कि उत्तराखंड शीप एंड वूल डेवलपमेंट बोर्ड के सीईओ ने र्वल्ड बैंक से 3,000 करोड़ का ऋण (लोन) लेकर इसका सीधे तौर पर दुरुपयोग किया है। इस लोन से विभागीय कार्य तो नहीं हुए लेकिन विभाग के निदेशक ने अपने लिए महंगी गाड़ी और नोएडा में आलीशान मकान जरूर ले लिया है। इसके अलावा विभागीय निदेशक की ओर से उत्तराखण्ड शीप बोर्ड में कई अधिकारियों की डेपुटेशन में नियुक्ति भी की गई जो अच्छा खासा वेतन ले रहे हैं, इसके अलावा बिना विभागीय सहमति के जिस कंसलटेंट को रखा गया है उसका मासिक वेतन 2.5 लाख है।

वहीं, विभागीय निदेशक पर आरोप लगाते हुए मेनका गांधी ने मटन स्कीम शुरू किए जाने पर भी सवाल खड़े किये। अपने पत्र में उन्होंने साफ तौर पर लिखा कि विभागीय निदेशक ने बकरों की मटन स्कीम शुरू कर निदेशालय को एक मीट की दुकान में तब्दील कर दिया है। मेनका गांधी ने लिखा है कि नियम-कायदे ताक पर रखकर जिला योजना के पैसों से पशुओं के लिये पंजाब की फर्म से दोगुने दाम पर चारा खरीदा गया। शीप बोर्ड में बिना पद सृजन के डेपुटेशन पर कई अधिकारियों को तैनात किया। इस कारण कई पशु चिकित्सालय बंद हो गए। अधिकारी बिना काम के वेतन ले रहे हैं। सीईओ ने ऑस्ट्रेलिया से जवान शीप के बजाय बूढ़ी भेड़ खरीदीं जिनसे ज्यादा प्रजनन संभव ही नहीं है। मेनका गांधी ने अपने पत्र में इस घोटाले को कोल आवंटन और बोफोर्स तोप घोटाले से भी बड़ा घपला बताया है। मेनका गांधी के इस पत्र ने ये सिद्व कर दिया है कि कैसे उत्तराखण्ड जैसे प्रदेश में अधिकारियों की आपसी मिलीभगत से करोंडों के वारे न्यारे हो रहे हैं लेकिन इन अधिकारियों पर नकेल कसने वाला कोई नहीं है। सरकार की नाक के नीचे इतने बडे घोटाले हो रहे हैं लेकिन क्या सरकार को इसकी कोई जानकारी नहीं है। खुद मुख्यमंत्री पर भी कुछ दिनों पहले पैसोें के लेन देन के आरोप लग चुके हैं।

आप अध्यक्ष ने कहा, उत्तराखण्ड की जनता के साथ बीजेपी सरकार पिछले चार सालों से धोखेबाजी कर रही, जीरो टॉलरेंस केवल दिखाने और बोलने के लिए है जबकि इसके पीछे भ्रष्टाचार का बहुत बड़ा गोरखधंधा चल रहा है। उत्तराखण्ड की गाढ़ी कमाई की बंदरबांट हो रही। विकास के पैसों को इधर उधर किया जा रहा और अब इस लेटर ने उत्तराखंड को शर्मशार कर दिया। आप इस सरकार के खिलाफ अब सड़कों पर उतरेगी ,जनता के साथ अब खिलवाड़ नहीं होने देगी ।इसके अलावा आप अध्यक्ष ने कहा, अब अगर सरकार ने जल्दी ही कोई कार्रवाई ऐसे दोषी अधिकारियों के खिलाफ नहीं की तो आप पार्टी सडकों पर उतरकर प्रदर्शन करेगी और जनविरोधी इस सरकार का पर्दाफाश करेगी।

आप की गूगली में उलझी सरकार, #SelfieWithSchool

आप ने उत्तराखण्ड की बीजेपी सरकार को अपने जाल में फंसा कर रख दिया है। पहले शासकीय प्रवक्ता व मंत्री मदन कौशिक ने मनीष सिसोदिया का चैलेंज स्वीकार किया। फिर खुली बहस में नहीं गए। उसके बाद बीजेपी मुख्य प्रवक्ता मुन्ना सिंह चौहान, शिक्षा मंत्री पांडे, विधायक खजान दास ने दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पर हमले बोले। जिसके जबाब में आम आदमी पार्टी ने ‘सेल्फी विद स्कूल’ अभियान चला कर बीजेपी और कांग्रेस की अबतक की उत्तराखण्ड की सभी सरकारों को घेर लिया है। सोशल मीडिया पर उत्तराखण्ड के सरकारी स्कूलों की जर्जर व दयनीय हालत दिखती तस्वीरों की भरमार लग गई है।

धर्म और संस्कृति