तीनों किसान कानूनों पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फिलहाल रोक, 4 सदस्यों की कमेटी बनाई

दिल्ली। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के नए कृषि सुधार कानूनों के विरोध में किसानों के आंदोलन का आज 49वां दिन भी आंदोलन और सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी रही।

सुप्रीम कोर्ट में लंबी बहस के बाद आखिरकार सुप्रीम कोर्ट ने मोदी सरकार के नए कृषि कानूनों के लागू होने पर फिलहाल रोक लगा दी है। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने कहा कि ये रोक अनिश्चितकाल के लिए है। कोर्ट ने किसानों की समस्याओं और सरकार के साथ गतिरोध को सुलझाने के लिए 4 सदस्यों की कमेटी भी बना दी है।

सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया, ‘यह कमिटी हमारे लिए होगी। इस मुद्दे से जुड़े लोग कमिटी के सामने पेश होंगे। कमिटी कोई आदेश नहीं देगी, न ही किसी को सजा देगी। यह कमेटी सिर्फ हमें रिपोर्ट सौंपेगी। हमें कृषि कानूनों की वैधता की चिंता है। साथ ही किसान आंदोलन से प्रभावित लोगों की जिंदगी और संपत्ति की भी फिक्र करते हैं। हम अपनी सीमाओं में रहकर मुद्दा सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं।’

कमेटी-
भारतीय किसान यूनियन के जितेंद्र सिंह मान,
डॉ. प्रमोद कुमार जोशी,
अशोक गुलाटी (कृषि विशेषज्ञ) और अनिल शेतकारी शामिल हैं।

वहीं भारतीय किसान यूनियन के सर्वेसर्वा राकेस टिकैत ने कहा कि ‘जितेंद्र मान सिंह कौन है, ये हमारे संगठन का नहीं है, हम इन्हें नहीं जानते हैं। हम बैठक करेंगे फिर देखते हैं, कानून वापसी से कम कुछ भी नहीं चाहिए।’

राकेश टिकैत ने कहा हमने कोई कमेटी नहीं मांगी थी, हम कानून वापस लेने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शन को हम कहीं शिफ्ट नहीं करेंगे। सरकार कानून वापस ले उसके बाद ही हम घर जाएंगे।

भारतीय किसान यूनियन ने कमिटी के लिए जस्टिस मार्कंडेय काटजू और जस्टिस कुरियन जोसेफ का नाम सुझाया है।

अटॉर्नी जेनरल केके वेणुगोपाल ने कहा,’कुछ खालिस्तानी संगठन के होने की बात कही जा रही है। ऐसे कुछ लोगों के दिल्ली में आने की बात कही जा रही है। वो लोग कहा आएंगे और कहां जाएंगे। कहां रहेंगे… इस बारे में नहीं पता। हम कल आईबी रिपोर्ट कोर्ट में जमा करेंगे।’

एक अन्य वकील विकास सिंह ने किसान संगठनों के लिए मांग रखी की राम लीला मैदान में प्रोटेस्ट की इजाज़त दी जाए। उन्होंने कोर्ट को बताया, ‘इसकी एप्लिकेशन दी गई थी, मगर मंजूर नहीं हुई। ये आरोप है कि कुछ प्रतिबंधित संगठन प्रोटेस्ट में है। लिहाजा उन्हें दिल्ली आने नहीं दिया जा रहा ‘ इसपर सीजेआई ने अटॉर्नी जनरल से पूछा- ‘क्या आप इसे मानते हैं या खारिज करते हैं?’

आज की सुनवाई पूरी हो गई है। सुनवाई के बाद किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि हम सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अब चर्चा करेंगे, उसके बाद ही कुछ फैसला लेंगे।

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