शुक्र : वैभव, प्रेम, भोग विलास, अय्यासी के कारक ‘शुक्र’ आ रहे कन्या राशि में, जानें आपकी राशि पर क्या पड़ेगा प्रभाव, बढ़ेंगे खर्चे या…

दैत्य गुरु शुक्र जो देते हैं वैभव भोग विलास यानी भौतिक सुखों के कारक नवग्रहों में छठे ग्रह शुक्र, वृषभ और तुला राशि के स्वामी। ज्योतिष गणनाओं के अनुसार, शुक्र 23 अक्टूबर को सिंह राशि से निकल कन्या राशि में गोचर करने वाले हैं।

23 अक्टूबर को शुक्र राशि परिवर्तन कर रहे हैं। राक्षसों के गुरु शुक्र इस दिन कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। इसका असर सभी राशियों के जातको पर पड़ेगा।

शुक्र का यह गोचर या राशि परिवर्तन 23 अक्टूबर शुक्रवार को सुबह 10 बजकर 58 मिनट पर होगा। जिसके बाद शुक्र मंगलवार 17 नवंबर 2020 को रात 1 बजकर 15 मिनट तक कन्या राशि में ही रहेंगे और उसके बाद शुक्र तुला राशि में जाएंगे।

दैत्य गुरु शुक्र को ज्योतिष विज्ञान में वैवाहिक सुख प्रेम सम्बन्धों का कारक भी माना जाता है। शुक्र को भोग-विलास, प्रेम और भौतिक सुखों का कारक माना जाता है। शुक्र के गोचर से सभी राशियां प्रभावित होंगी।

कुछ राशियों की धन संबंधित समस्या खत्म होगी तो किसी के जीवन में लव लाइफ में नया मोड आएगा। आइए जानते हैं कि शुक्र का कन्या राशि में गोचर का सभी 12 राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा…

मेष-
खर्च: शुक्र का कन्या राशि मे गोचर मेष राशि से छठे भाव में होने जा रहा है। छठे भाव से रोग और शत्रुओं का विचार किया जाता है। छठे भाव में शुक्र का राशि परिवर्तन होने के कारण आपको स्वास्थय संबंधी कुछ परेशानियां हो सकती है। इस समय में आपका खर्च भी अधिक बढ़ सकता है।

वृषभ-
प्रेम: शुक्र का यह गोचर वृषभ राशि के जातकों के लिए पांचवें भाव पर होने जा रहा है। ज्याोतिष शास्त्र में पांचवें भाव से प्रेम और संतान का विचार किया जाता है। पांचवें भाव में शुक्र का राशि परिवर्तन होने के कारण आपको अपने प्रेम में सफलता मिल सकती है। शुक्र का परिवर्तन सिंगल लोगों को कोई साथी दिला सकता है। वहीं काफी समय से संतान सुख की प्रतीक्षा कर रहे लोगों को इस समय में संतान की प्राप्ति के योग भी बनेंगे।

मिथुन-
सुख सम्मान: मिथुन राशि के जातकों के लिए शुक्र का गोचर चौथे भाव में होने जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चतुर्थ भाव से माता और सुख का विचार किया जाता है। चतुर्थ भाव में शुक्र का गोचर होने के कारणआपको आपकी माता का पूर्ण सुख प्राप्त होगा। इस समय में आपकी माता की सेहत ठीक रहेगी। शुक्र का परिवर्तन आपको वाहन सुख भी प्राप्त करा सकता है। आपके मान सम्मान में वृद्धि होगी।

कर्क-
पराक्रम: शुक्र का गोचर कर्क राशि के जातकों के लिए तीसरे भाव में होने जा रहा है। ज्योतिष में तीसरे भाव से पराक्रंम का विचार किया जाता है। तीसरे भाव में शुक्र का राशि परिवर्तन होने के कारण आपके पराक्रम में वृद्धि होगी। आप अपने कामों को करने में पूरी तरह से सक्षम होंगे। इतना ही नहीं इस समय मे आपका भाग्य भी आपका पूरी तरह से साथ देगा। आपको अपने छोटे भाई बहन और मित्रों का भी साथ मिलेगा।

सिंह-
धन: शुक्र का गोचर सिंह राशि के जातकों के लिए दूसरे भाव में हो रहा है। ज्योतिष शास्त्र में दूसरे भाव से धन का विचार किया जाता है। दूसरे भाव में शुक्र का राशि परिवर्तन आपके धन को बढ़ाएगा। इस समय में आपके परिवार में सुख और शांति का वास होगा। शुक्र का परिवर्तन आपको आपके परिवार के लोगों का भरपूर साथ दिलाएगा। इस राशि परिवर्तन के कारण आपको अपने ससुरालवालों से भी लाभ मिलेगा।

कन्या-
प्रेम विलासिता खर्च: शुक्र का गोचर कन्या राशि के जातकों के लिए प्रथम भाव यानी लग्न भाव में होगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार लग्न भाव से शरीर का विचार किया जाता है। पहले भाव में शुक्र का राशि परिवर्तन आपको अधिक खर्चीला बना सकता है। शुक्र का परिवर्तन होने के कारण आप अपने धन को विलासिता की वस्तुएं खरीदने में व्यय करेंगे। इतना ही नहीं इस समय में आप अपने जीवनसाथी का प्रेम भी पूर्ण तरीके से प्राप्त करेंगे। साथ ही आपका वैवाहिक जीवन सुखमय होगा।

तुला-
खर्च यात्रा विदेश: शुक्र का गोचर तुला राशि के जातकों के लिए बारहवें भाव में होने जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बारहवें भाव से व्यय का विचार किया जाता है। बारहवें भाव में शुक्र का राशि परिवर्तन आपके खर्च बढ़ाएगा। यह खर्च आपकी यात्राओं पर होगा। शुक्र का परिवर्तन आपको लंबी यात्राएं करा सकता है। यदि आप विदेश जाना चाहते हैं तो यह समय काफी अनुकूल है। लेकिन इस समय में आपको अपनी सेहत की और विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

वृश्चिक-
आय प्रेम: शुक्र का यह गोचर वृश्चिक राशि के ग्यारहवें भाव में होने जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्यारहवें भाव से आय का विचार किया जाता है। ग्यारहवें भाव मेंशुक्र का राशि परिवर्तन होने के कारण आपकी आय में वृद्धि हो सकती है। शुक्र का परिवर्तन आपको किसी महिला मित्र से लाभ दिला सकता है। इतना ही नहीं यदि आपकी कोई बड़ी बहन है तो आपको उनसे भी लाभ मिल सकता है। प्रेम संबंधों के लिए भी शुक्र का यह गोचर आपके लिए अनुकूल है।

धनु-
लाभ प्रमोशन आय: शुक्र का गोचर धनु राशि के जातकों के दसवें भाव में हो रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार दसवें भाव से कर्म का विचार किया जाता है। दसवें भाव में शुक्र का राशि परिवर्तन होने से आपको आपके कार्यक्षेत्र में अधिक लाभ प्राप्त होगा। शुक्र का परिवर्तन आपको नौकरी में प्रमोशन भी दिला सकता है। इस समय में आपकी माता के सेहत और आपके सुख दोनों में वृद्धि हो सकती है।

मकर-
शुभ व स्त्री: शुक्र का यह गोचर मकर राशि से नवम भाव में हो रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार नवम भाव से भाग्य का विचार किया जाता है। भाग्य भाव में शुक्र का राशि परिवर्तन आपके लिए शुभ है। इस समय में आपके भाग्य में वृद्धि होगी। आपके सभी रूके हुए कार्य इस समय में पूर्ण होंगे। छोटे भाई बहनों और मित्रों का साथ भी आपको मिलेगा। स्त्री पक्ष से आपको किसी प्रकार का कोई लाभ हो सकता है। इसलिए किसी कार्य को करने से पहले अपने घर की स्त्रियों से सलाह अवश्य लें।

कुंभ-
आय वृद्धि व खर्च: शुक्र का यह गोचर कुंभ राशि के आठवें भाव में होने जा रहा है। ज्योतिष में अष्टम भाव से मृत्यु का विचार किया जाता है। अष्टम भाव में शुक्र का राशि परिवर्तन आपको अत्याधिक कष्ट पहुंचा सकता है। शुक्र का पारिवर्तन आपके धन और परिवार की स्थिति को ठीक रखेगा। लेकिन आपको स्वास्थ संबंधी परेशानी इस समय में हो सकती हैं। इस समय में आप मास मदिरा का सेवन अधिक कर सकते हैं जो आपके लिए हानिकारक हो सकता है।

मीन-
वैवाहिक शुख:शुक्र का कन्या राशि में गोचर मीन राशि के जातकों के लिए सातवें भाव में हो रहा है। ज्योतिष में सप्तम भाव से विवाह का विचार किया जाता है। सप्तम भाव में शुक्र का राशि परिवर्तन आपको वैवाहिक सुख की प्राप्ति कराएगा। शुक्र का परिवर्तन विवाह योग्य जातकों का विवाह भी कराएगा। इस समय सौंदर्य प्रसाधन के बिजनेस जुड़े लोगों को अधिक फायदा हो सकता है। इस गोचर के कारण इस राशि के लोग अपने सजने संवरने पर अधिक खर्च कर सकते हैं।

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