देहरादून। उत्तराखण्ड आने वालों के लिए अनलॉक-4 में 21 सितंबर से निये नियम लागू कर दिए गए हैं। शनिवार देर रात मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने उस शासनादेश पर हस्ताक्षर किए। अब अन्य राज्यों व विदेश से उत्तराखण्ड आने सभी लोगों के लिए राज्य सरकार ने कुछ नये नियम बनाये हैं।

उत्तराखण्ड आने वाले पर्यटकों को होटल अथवा होम स्टे में कम से कम दो दिन का रिजर्वेशन कराना होगा। पर्यटकों को अपने साथ चार दिन की कोविड नेगेटिव रिपोर्ट लानी होगी।

पर्यटक के पास कोविड टेस्ट रिपोर्ट नहीं है तो बार्डर चेक पोस्ट, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन आदि स्थानों पर पेड एंटीजन टेस्ट करवा सकता है।

बाहर से आने वाले ऐसे व्यक्ति जिसके पास चार दिन का कोविड नेगेटिव सर्टिफिकेट होगा, उन्हें क्वारंटीन नहीं किया जाएगा।

सात दिन से कम समय के लिए किसी जरूरी कार्य के लिए आने वाले व्यक्ति को क्वारंटीन की जरूरत नहीं।

सात दिन से अधिक समय के लिए आने पर 10 दिन सेल्फ क्वारंटीन रहना होगा।

सेना तथा अर्द्धसैनिकों के लिए 10 दिन संस्थागत क्वारंटीन होगा।

केंद्र व राज्य सरकार के मंत्री और न्यायाधीश व्क्वारंटीन नहीं होंगे।

राज्य सरकार के अधिकारी पांच दिन से अधिक की वापसी पर कोविड टेस्ट करवाएंगे।

पांच दिन से कम समय के लिए राज्य से बाहर जाने वाले अधिकारी वासप आने पर क्वारंटीन नहीं होंगे। पांच दिन से अधिक प्रवास से लौटने के बाद 10 दिन होम क्वारंटीन होना होगा।

विदेश से आने वाले व्यक्ति को केंद्र सरकार की गाइड लाइन का पालन करना होगा।

राज्य में आने वाले हर व्यक्ति को स्मार्ट सिटी की वेबसाइट पर पंजीकरण कराना होगा साथ ही आरोग्य सेतु भी डाउन लोड करना होगा।

उत्तराखण्ड आने वालों के लिए रजिस्ट्रेशन मैंडेटरी है। जिसे स्मार्ट सिटी वेब पोर्टल पर कराया जाएगा सभी आने वाले यात्री अपने तमाम कागज रजिस्ट्रेशन के दौरान पोर्टल में अपलोड जरूर करेंगे।

वहीं जिला प्रशासन थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था सभी बॉर्डर चेक पोस्ट में करेंगे एयरपोर्ट रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड में भी व्यवस्था होगी सिनेमैटिक व्यक्ति को एंटीजन टेस्ट से गुजरना होगा अगर एंटीजन टेस्ट पॉजिटिव आया तो निर्धारित एस ओ पी का पालन किया जाएगा वही व्यापार परीक्षा उद्योगों में कार्य निजी कार्यों के लिए आने वाले लोग जो 7 दिन के अंदर वापस जाने वाले हो वह वह अपने कार्य कर सकते हैं लेकिन उन्हें अपने स्वास्थ्य का लगातार मॉनिटर करना होगा और अगर किसी तरीके के सिम्टम्स दिखाई दिए तो लोकल हेल्थ अथॉरिटी को बताना अनिवार्य होगा।

वहीं प्रदेश में लंबे समय तक आने वालों को होम करंट टाइम या फिर संस्थागत क्वॉरेंटाइन में रखा जाएगा 10 दिन जहां वह अपनी स्वास्थ्य का खुद ध्यान रखेंगे अगर किसी तरीके के सिम काम आएंगे तो फिर लोकल हेल्थ अथॉरिटी को बताया जाएगा वही जो भी घर का पता बताया जाए वह सही बताया जाए जिलाधिकारी इसका इसकी रेंडम चेकिंग करेंगे और अगर गलत पाया गया तो गंभीर कार्यवाही ऐसे लोगों के खिलाफ होगी।

वही इंटर स्टेट व्यवस्था के तहत उत्तराखंड आने वाले ऑफिशियल केंद्रीय सरकार के मंत्री राज्य सरकार के मंत्री चीफ जस्टिस और सुप्रीम कोर्ट के जज हाई कोर्ट के जज वह जिला कोर्ट के जज एडवोकेट जनरल और तमाम सरकारी अधिकारी कर्मचारी जो सरकारी काम के लिए आ रहे हैं उनको qurentine नहीं होना पड़ेगा वहीं उत्तराखंड के अधिकारी जो अन्य राज्यों में गए हैं और 5 दिन से ज्यादा वहां रहे हैं उनके कोविड-19 टेस्ट कराना अनिवार्य होगा वही जो भी लोग जो राज्य से बाहर लगभग 5 दिन तक रहे हो उन्हें क्वॉरेंटाइन से छूट रहेगी वही पर्यटकों के लिए भी सरकार ने गाइडलाइन जारी की है जिसके तहत अब होटल में कम से कम दो रातों का रिजर्वेशन कराना अनिवार्य होगा इसके अलावा 96 घंटे पहले अपनी कोरोनावायरस टेस्ट की रिपोर्ट कुछ जो दिखाएगा राज्य में घूमने की पूरी छूट रहेगी लेकिन अगर ऐसा नहीं होगा तो बॉर्डर चेक पोस्ट पर एंटीजन टेस्ट करवाया जाएगा।

अगर होटल में जाएंगे तो होटल की तरफ से भी प्राइवेट लैब में टेस्ट कराने की फैसिलिटी उपलब्ध रहेगी यानी उत्तराखंड आने वाले पर्यटक को हर हाल में कोरोनावायरस करवाना होगा वहीं राज्य सरकार ने एडवाइजरी जारी करते हुए साफ कहा कि 65 साल से ज्यादा प्रेगनेंट वूमेन और 10 साल से कम के बच्चों को घर के अंदर ही रखा जाए।

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