इनके कारण आज भी जिंदा है इंसानियत, विकास ने लौटाए 82 हजार, मजदूर दम्पति लाए थे ब्याज पर :देहरादून

देहरादून। देहरादून में आज इंसानियत जिंदा है। इंसानियत की मिसाल पेश की है देहरादून के विकास कुमार चौहान व उनके भाई सोनू कुमार ने।

इंसानियत की एक अनोखी मिसाल ही है सोमवार दिनांक 14/9/2020 को रात के करीब 7 बजे देहरादून की शिमला बाईपास रोड़ से GMS रोड़ पर जाते समय विकास कुमार चौहान को एक गत्ते के डब्बा मिला जिसमें लगभग 82000/- रूपये थे। रुपय 100 के नोट में थे कुछ 50 के नोट भी थे।

विकास कुमार चौहान व सोनू कुमार ने कुछ समय वहां रुक कर इंतजार क्या तो एक पति पत्नी रो-रो कर अपने पैसे ढूंढ रहे थे। विकास ने उनसे पूछा क्या हुआ उन्होंने रो-रो कर अपनी सारी समस्या बताई और आस भारी नज़रो से देखने लगे, और बोले हमारी माँ का आंख का ऑपरेशन है। हम ब्याज पर पैसे लाये थे, जो की यहाँ से जाते वक़्त रास्ते में कही गिर गए।

विकास ने उनके पैसे लौटाये और इंसानियत की एक मिसाल कायम की। आपको बता दें विकास के फूफा वेलवेट अस्पताल टर्नर रोड में भर्ती हैं और विकास अपनी मौसी को लेने पण्डितवाड़ी जा रहे थे। विकास को मौसी को पण्डितवाड़ी से लेकर अस्पताल पहुंचना था।

विकास कुमार चौहान लेन नम्बर 26/C, टर्नर रोड़, क्लेमेंटटाउन देहरादून में रहते हैं और समाजसेवा व NGO से जुड़े हुए हैं।

धर्म और संस्कृति