The95news गैरसैंण बनी उत्तराखण्ड राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गैरसैंण में बजट सत्र-2020-21 के बाद कि घोषणा The95news ऑनलाइन ठगी कैसे होती है जानें, पढ़ें और बचें The95news दिल्ली हिंसा: टिहरी के विनोद प्रसाद ममगाईं की चाकुओं से गोद कर हत्या, हाथ काटे, पौड़ी के दिलवर सिंह नेगी की भी हुई थी ऐसे ही हत्या The95news गैरसैंण बनी उत्तराखण्ड राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गैरसैंण में बजट सत्र-2020-21 के बाद कि घोषणा The95news देहरादून: शाहीन बाग का धरना 13 से फिर होगा शुरू, फिलहाल स्थगित The95news
Breaking News

उत्तराखण्ड के पौड़ी में उगेगी अब सरकारी भांग, भंगलू उगला तुमर पुंगड़ा मा, बांजा पड़ल तुमर पुंगड़ा!

The95news, देहरादून। प्राप्त जानकारी के अनुसार उत्तराखण्ड के पौड़ी जिले में अब भांग उगेगी। इसके लिए बाकायदा लाइसेंस दिया गया है। और वो भी उत्तराखण्ड की बीजेपी सरकार के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने। भांग उगाने के ये लाइसेंस भारतीय औद्योगिक भांग संघ (IIHA) को दिया गया है।

कभी वो समय भी था जब गढ़वाली भाषा में गाली दी जाती थी कि – भंगलू उगला तुमर पुंगड़ा मा, बांजा पड़ल तुमर पुंगड़ा! अर्थात तुम्हारे खेत बंजर हो जाएं और उनमें भांग उग आए। लेकिन आज सरकार ही उस गाली को चरितार्थ कर रही है। उत्तराखण्ड में पलायन के दर्द से खेत बंजर तो हो ही गये हैं, अब सरकार ही खेत में लाइसेंसी भांग उगवा रही है।

हिंदी बिजनेस स्टेंडर्ड की खबर :-

उत्तराखंड में भांग की खेती अब कामर्शियल तरीके से की जाएगी। इसका बाकायदा लाइसेंस दे दिया गया है। भांग के रेशों से बनने वाले धागे से कपड़े बनाए जाएंगे। भारतीय औद्योगिक भांग संघ (आईआईएचए) को उत्तराखंड में औद्योगिक भांग की फसल उगाने का लाइसेंस मिला है। देश में पहली बार यह लाइसेंस जारी हुआ है।
आईआईएचए ने जारी एक वक्तव्य में बताया है कि उत्तराखंड सरकार ने राज्य के पौड़ी जिले में परीक्षण के तौर पर औद्योगिक भांग की खेती के वास्ते लाइसेंस जारी किया है। देश में औद्योगिक भांग से बनने वाले धागे की बड़ी मांग है। इस धागे से तैयार होने वाला कपड़ा सबसे मजबूत और मानव जाति द्वारा पहचान किए जाने वाला सबसे पुराना कपड़ा है। औद्योगिक भांग से तैयार कपड़ा कीट-पतंगों से बचाव करता है, इसमें पराबैंगनी किरणें भी निकलती है जिससे अन्य चीजों के साथ ही जानमाल की भी रक्षा होती है।

आईआईएचए के अध्यक्ष रोहित शर्मा के मुताबिक औद्योगिक भांग की खेती के लिए लाइसेंस देकर इसको वैध स्वरूप दिया है। इसके साथ ही राज्य सरकार ने इस नवोदित भांग उद्योग को आगे बढऩे के लिए सहारा दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि इसके साथ ही इस परंपरागत पौधे को आखिरकार उसका वाजिब स्थान मिलने जा रहा है और यह सकारात्मक चर्चा के साथ आगे आ रहा है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा परीक्षण के तौर पर शुरू की गई इस पायलट परियोजना से स्थानीय समुदाय को फायदा होगा। आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा और भांग की खेती में निवेश भी बढ़ेगा। उन्होंने कहा गया है कि भांग की खेती में बंजर भूमि का इस्तेमाल किया जाएगा जो कि एक शुष्क खेती है और इसमें बहुत कम रखरखाव और संसाधनों की आवश्यकता पड़ती है।

सजग इंडिया की खबर:-

औद्योगिक भांग संघ को उत्तराखंड में मिला भांग उत्पादन का लाइसेंस

नयी दिल्ली , 10 जुलाई (भाषा) भारतीय औद्योगिक भांग संघ (आईआईएचए) ने आज कहा कि उसे उत्तराखंड में औद्योगिक भांग की फसल उगाने का लाइसेंस प्राप्त हुआ है। देश में पिछले कई दशकों के बाद पहली बार यह लाइसेंस दिया गया है।

आईआईएचए ने यहां एक वक्तव्य जारी कर कहा है कि उत्तराखंड ने राज्य के पौड़ी जिले में परीक्षण के तौर पर औद्योगिक भांग की खेती के वास्ते लाइसेंस जारी किया है।

देश में औद्योगिक भांग से बनने वाले धागे की बड़ी मांग है। इस धागे से तैयार होने वाला कपड़ा सबसे मजबूत और मानव जाति द्वारा पहचान किये जाने वाला सबसे पुराना कपड़ा है।

औद्योगिक भांग से तैयार कपड़ा कीट-पतंगों से बचाव करता है, इसमें पराबैंगनी किरणें भी निकलती है जिससे अन्य चीजों के साथ ही जानमाल की भी रक्षा होती है।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने इस अवसर पर कहा परीक्षण के तौर पर शुरू की गई इस पायलट परियोजना से स्थानीय समुदाय को फायदा होगा, आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा और भांग की खेती में निवेश भी बढ़ेगा।

वक्तव्य में कहा गया है कि भांग की खेती में बंजर भूमि का इस्तेमाल किया जायेगा जो कि एक शुष्क खेती है और इसमें बहुत कम रखरखाव और संसाधनों की आवश्यकता पड़ती है।

आईआईएचए के अध्यक्ष रोहित शर्मा के मुताबिक औद्योगिक भांग की खेती के लिये लाइसेंस देकर इसको वैध स्वरूप दिया है। इसके साथ ही राज्य सरकार ने इस नवोदित भांग उद्योग को आगे बढ़ने के लिये सहारा दिया है।

उन्होंने यह भी कहा कि इसके साथ ही इस परंपरागत पौधे को आखिरकार उसका वाजिब स्थान मिलने जा रहा है और यह सकारात्मक चर्चा के साथ आगे आ रहा है।

राष्ट्रीय सहारा की खबर:-

About admin

Check Also

उत्तराखण्ड: 1153, देहरादून 324, नैनीताल 310, टिहरी 101, दहाई का अंक न छूने वाला रुद्रप्रयाग 08, एक्टिव 842

11,589 देहरादून। उत्तराखण्ड में रात 8 बजे के हेल्थ बुलेटिन के अनुसार 08 कोरोना पॉजिटिव …