उत्तराखण्ड में पत्रकार उत्पीड़न का मामला पहुंचा गृहमंत्री अमित शाह के दरबार, NUJ (इंडिया) ने लिखा खत

उत्तराखण्ड में पत्रकार उत्पीड़न का मामला अब ग्रहमंत्री अमित शाह के समक्ष उठाया गया है। मामले का संज्ञान लेते हुए नैशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट (इंडिया) ने गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर उत्तराखण्ड में पत्रकार के दमन को लेकर की जा रही कार्रवाई का विस्तार से खुलासा किया है।

NUJ ने साथ ही गृहमंत्री से अनुरोध किया है कि, उत्तराखण्ड में जनता की हितों की बात करने वाले पत्रकारों के खिलाफ इस तरह की दमनात्मक कार्यवाही पर तत्काल रोक लगाई जाए।

नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स के अध्यक्ष रासबिहारी मोहंती ने अपने पत्र में पर्वतजन के संपादक शिव प्रसाद सेमवाल के खिलाफ खबर छापने के परिणाम स्वरुप गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने का विरोध जताते हुए कहा है कि, लोकतंत्र में इस तरह की दमनकारी कार्रवाई बिल्कुल भी असहनीय है।

एनयूजे इंडिया के अध्यक्ष रासबिहारी और महासचिव प्रसन्ना मोहंती ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र में बताया है कि, पत्रकार सरकार की नाकामियों को इसलिए बताते हैं कि, ताकि उन्हें ठीक किया जा सके। लेकिन उनके खिलाफ उत्तराखण्ड के विभिन्न जिलों में धड़ाधड़ मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। अध्यक्ष रासबिहारी ने इसे लोकतंत्र और प्रेस की स्वतंत्रता के खिलाफ बताते हुए इस पर तत्काल संज्ञान लेकर कार्यवाही करने का अनुरोध किया है। गौरतलब है कि उत्तराखण्ड में पत्रकारिता का जिस तरह से दमन किया जा रहा है, उसको लेकर सिर्फ उत्तराखण्ड में ही नहीं बल्कि पूरे देश में आक्रोश का माहौल तैयार हो रहा है। गृह मंत्री अमित शाह से एनयूजे इंडिया ने उत्तराखण्ड में पत्रकारों को पर्याप्त सुरक्षा प्रदान कराए जाने का अनुरोध भी किया है। ताकि उत्तराखण्ड में पत्रकार निडर होकर स्वतंत्रता पूर्वक पत्रकारिता कर सकें। अन्यथा पत्रकार संगठन आंदोलन के लिए विवश हो जाएंगे।

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