हरीश रावत बैलगाड़ी पर सवार, पेट्रोल डीजल 80 पार, अबकी बार…

देहरादून। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सोमवार को अपने समर्थकों के साथ मिलकर राज्य और केंद्र सरकार के खिलाफ बैलगाड़ी में चढ़कर प्रदर्शन किया।

रविवार को क्वारेंटीन अवधि पूरी होने पर हरदा ने ऐलान किया कि वे सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखेंगे और सोमवार से अपने नित्य कार्यक्रम शुरू करेंगे। उन्होंने कहा था कि वे सबसे पहले भगवान “भोले के दर” पर जाएंगे। सोमवार को हरदा ने ऐसा ही किया। वे रायपुर में शिव शंकर भोले बाबा के मन्दिर में माथा टेकने के बाद कार्यकर्ताओं के बीच गए।

भोले शंकर भगवान के मंदिर से निकले के बाद कार्यकर्ताओं ने हरीश रावत को फूलों के गुलदस्ते भेंट किए व मालाएं पहनाईं। इसके बाद हरदा बैलगाड़ी पर सवार हुए।

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बैलगाड़ी की सवारी की और उनके पीछे पीछे दर्जनों कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।

हरदा का यह प्रदर्शन डीजल और पेट्रोल की कीमतें बेतहाशा बढ़ाने के खिलाफ किया गया। इस प्रदर्शन में केंद्र और राज्य सरकार पर जमकर आरोप-प्रत्यारोपों के साथ रैली की शक्ल में कांग्रेस के कार्यकर्ता अपने चहेते नेता हरीश रावत के पीछे पीछे चल रहे थे और नारेबाजी कर रहे थे।

हरीश रावत 21 दिन पहले दिल्ली से देहरादून लौटे थे। कल रविवार को उनका क्वारंटाइन पीरियड खत्म हुआ है। हरीश रावत के दिल्ली से देहरादून पहुंचने पर उन्हें जिला प्रशासन ने 21 दिन के लिए होम क्वारंटाइन कर दिया था। हरीश रावत ने जिला प्रशासन के निर्देशों का पूर्ण पालन भी किया व 21 दिन तक होम क्वारंटाइन रहे। इस बीच उन्होंने जिलाधिकारी देहरादून से एक प्रदर्शन की अनुमति भी मांगी थी। परंतु अनुमति न मिलने पर हरीश रावत अपने घर पर ही रहे व उन्होंने प्रशासन के आदेश का पूर्ण सम्मान किया।

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