समार्ट सिटी नम्बर 76 हाजिर हो – 2, देखें देहरादून की सड़कों के हाल

The95news, देहरादून। केंद्र की मोदी सरकार को साढ़े 4 साल होने को हैं। 100 स्मार्ट सिटी की भी घोषणा हुई। देहरादून का नम्बर स्मार्ट सिटी में 76 था। देहरादून की सफाई व्यवस्था हम आपको अपनी पहले की खबर “स्मार्ट सिटी नम्बर 76 हाजिर हो में दिखा चुके हैं। आज बात करते हैं स्मार्ट सिटी देहरादून की सड़कों की। बताया जा रहा है कि महीनों से खस्ताहाल सड़कों से जूझ रहे राजधानी वासियों को बहुत जल्द अब इस समस्या से निजात मिलने वाली है।

राजधानी में आयोजित होने वाली इन्वेस्टर्स समिट से पहले हर हालत में राजधानी की सड़कों को चकाचक बना दिया जाएगा। राजधानी की सड़कों को चकाचक बनाने के लिए आजकल दिन रात काम किया जा रहा है। किसी भी सूरत में इन सड़कों को पांच छह अक्टूबर तक पूरी तरह दुरूस्त किया जाना है क्योंकि सात अक्टूबर को राजधानी में इन्वेस्टर्स समिट का उदघाटन होना है तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी इस उदघाटन के लिए दून आना है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा लोकनिर्माण विभाग के अधिकारियों को सख्त आदेश दिये गये हैं कि वह हर हाल में एक सप्ताह के अंदर देहरादून की सभी प्रमुख सड़कों को चकाचक बना दें। इसके लिए उनके द्वारा पर्याप्त बजट भी जारी कर दिया गया।

अब इस कार्य में सिर्फ एक ही दिक्कत दिखाई दे रही है और वह दिक्कत है मौसम के बिगडते मिजाज की। मौसम विभाग द्वारा 30 तारीख तक सूबे में बरसात जारी रहने की संभावना जताई गई है जो सड़क निर्माण के कारण बाधा बनी हुई है। लोक निर्माण विभाग अब इस मुद्दे पर पूरी तरह मुश्तैदी से काम कर रहा है। दिन के उजाले में ट्रैफिक होने केे कारण सड़कों के निर्माण का कार्य ठीक से नहीं हो पाता है इसलिए रातों रात काम करके हर रोज अधिक से अधिक काम निपटाने की कोशिशें की जा रही है। धर्मपुर और हरिद्वार बाईपास रोड पर किये जा रहे काम इसकी बानगी हैं। डिवाइडरों की रंगाई पुताई का काम भी लगातार जारी है। वहीं डिवाइडरों के बीच लगी फुलवारी की कटाई छंटाई का काम भी जोरों से चल रहा है। उम्मीद की जानी चाहिए कि चार पांच अक्टूबर तक राजधानी की सड़कें चकाचक हो जाएंगी। कम से कम प्रमुख सड़कों पर तो गड्ढ़े देखने को नहीं मिलेंगे। सरकार की कोशिश है कि वह इस समिट में आने वालेे निवेशकों को देहरादून की एक अच्छी तस्वीर दिखा सकें।

काश सरकार जनता के लिए भी इसी तरह से सड़कों को बनाने के लिए दिशा निर्देश देती तो आज जनता भी मुख्यमंत्री के गुणगान करती लेकिन यहां तो सिर्फ इन्वेस्टरों को दिखाने के लिए मुख्य मार्ग ही बनने की उम्मीद है। देहरादून की छोटी सड़कों और गलियों का क्या होगा ये भविष्य के गर्त में है।

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